आराधना आराधना आराधना तेरी आराधना
मैं वांग उकाबां दे, उडदा ही जावांगा
तेरी महिमा कर कर के , नवां बल मैं पावांगा
आराधना आराधना .......
1.मैं तेरी हाँ रचना , तेरी विच्च वसदा हाँ
तेरी उंगली फडके ,तेरे संग चलदा हाँ
आराधना आराधना .......
2.तेरे गल लग के मैं ,दुनियां भुल्ल जावांगा
तेरी महिमा दे नगमे ,मैं सदा ही गावंगा
आराधना आराधना .......
3.अपने चरणां विच्छ येसु,सानु दे दे तू पनाह
सारा जग करदा सजदा ,वेख के तेरा जलाल
आराधना आराधना .......
No comments:
Post a Comment